
बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र में आयोजित ‘सांसद खेल महोत्सव’ एक राजनीतिक अखाड़ा बन गया है इस आयोजन ने वर्तमान सांसद उम्मेदराम बेनीवाल और पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को आमने-सामने ला खड़ा किया है, जहाँ दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है वर्तमान सांसद
उम्मेदराम बेनीवाल की आपत्ति:
‘प्रोटोकॉल का उल्लंघन’ वर्तमान सांसद उम्मेदराम बेनीवाल ने सांसद खेल महोत्सव के आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताई है महोत्सव के पोस्टर पर पूर्व सांसद कैलाश चौधरी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया, जबकि वे वर्तमान सांसद हैं बेनीवाल ने इसे प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन बताया है उनका कहना है कि उन्हें इस कार्यक्रम की न तो कोई अनुमति दी गई और न ही उनकी कोई सहमति ली गई उन्होंने बालोतरा बाड़मेर और जैसलमेर के जिला कलेक्टरों से इस संबंध में स्पष्टीकरण माँगा है कि बिना उनकी सहमति या सूचना के यह आयोजन कैसे हो रहा है और पोस्टर पर पूर्व सांसद की तस्वीर क्यों लगाई गई
पूर्व सांसद कैलाश चौधरी का पलटवार:
‘खेल को राजनीति से न जोड़ें’ केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने सांसद उम्मेदराम बेनीवाल की आपत्तियों पर अपना बयान जारी किया है और पलटवार किया है चौधरी ने बेनीवाल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सांसद द्वारा लिखे गए किसी भी पत्र की जानकारी नहीं है उन्होंने सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों को नकारा और कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, वे पहले भी इस तरह की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित करवाते रहे हैं और आगे भी करवाते रहेंगे खेल को राजनीति से दूर रखने की अपील: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ‘सांसद खेलकूद प्रतियोगिता’ है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। चौधरी कहना है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को मंच देना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, जिसके लिए वे प्रयासरत हैं सांसद खेल महोत्सव, जिसका उद्देश्य युवाओं को बढ़ावा देना है, अब बाड़मेर-जैसलमेर की राजनीति का केंद्र बन गया है वर्तमान सांसद उम्मेदराम बेनीवाल इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन मान रहे हैं, वहीं पूर्व सांसद कैलाश चौधरी इसे खेल और युवा विकास का कार्यक्रम बता रहे हैं, जिसे राजनीति से दूर रखना चाहिए यह विवाद दिखाता है कि संसदीय क्षेत्र में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई किस हद तक जा पहुँची है
