सिणधरी से अरविंद थोरी की रिपोर्ट:-
सिणधरी / बालोतरा। निष्क्रमणीय पशुपालक राजकीय उच्च माध्यमिक आवासीय विद्यालय जैतेश्वर धाम सिणधरी में ‘वंदे मातरम स्वदेशी संकल्प’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करना है। व्याख्याता भंवरलाल देवासी ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों को भारतीय वस्तुओं, तकनीक और उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके। यह केवल एक गीत नहीं, यह हमारी मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। निम्बाराम देवासी ने उद्देश्य के बारे बताया कि पहला उद्देश्य स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त करना। दूसरा, आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना। तीसरा, वंदे मातरम के संदेश के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रीय गर्व की भावना जगाना। चौथा, युवा पीढ़ी में स्वदेश प्रेम और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करना और पाँचवाँ, भारतीय संस्कृति, परंपरा, कला और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना। यह अभियान हमें यह प्रेरणा देता है कि हम देश में बने उत्पादों का उपयोग करें और ‘वंदे मातरम’ के आदर्श से प्रेरित होकर राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें। इंद्रराज जांगिड़ ने बताया कि यह केवल एक राष्ट्रीय गीत ही नहीं, यह हमारी मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इस अवसर पर दिनेश कुमार जीनगर – शारीरिक शिक्षक, करतारसिंह मीणा अध्यापक, सुजानाराम चौधरी अध्यापक, नवीन शर्मा, बाबूराम, निर्मल, रोशन, कविता मालवीय, नरेन्द्र सिंह, विजयलक्ष्मी राजपुरोहित, अमराराम देवासी, निर्मल, नवीन मईडा, जालाराम, रमेश आदि उपस्थित रहे।
आवासीय विद्यालय जैतेश्वर धाम में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
