बाड़मेर से अरविंद थोरी की रिपोर्ट:-
बाड़मेर।कांग्रेस ने लंबे मंथन के बाद जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। प्रदेश कांग्रेस सचिव लक्ष्मण सिंह गोदारा को बाड़मेर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। लंबे समय जिला कांग्रेस की बागडोर अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष के पास रही है। इस बार पार्टी ने ओबीसी वर्ग को बागडोर सौंपी है। हालांकि बाड़मेर में कांग्रेस दो गुटों में बंटी हुई है। लक्ष्मणसिंह हरीश गुट से आते है। बीते दिनों कांग्रेस में आए पूर्व विधायक मेवाराम जैन और अमीन खान लक्ष्मणसिंह को बनाने के पक्ष में नहीं थे।
दरअसल, बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर तीनों जिलों में कांग्रेस अल्पसंख्यक, मूल ओबीसी, ओबीसी और एससी वर्ग से जिलाध्यक्ष बनाने का दांव कर रही थी। अब बाड़मेर से ओबीसी वर्ग से लक्ष्मणसिंह गोदारा, एससी वर्ग से बालोतरा जिलाध्यक्ष प्रियंका मेघवाल और अल्पसंख्यक वर्ग से जैसलमेर में अमरदीन को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
बाड़मेर में इन दिनों कांग्रेस दो धड़ों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। पूर्व विधायक अमीन खान और विधायक जैन के विरोध के बावजूद एंट्री हो जाने से गुटबाजी और स्पष्ट हो गई। एक और पूर्व सीएम अशोक गहलोत का गुट है तो दूसरी तरफ सचिन पायलट गुट का। इसके अलावा हरीश चौधरी का भी अपना प्रभाव है।
जातिगत फैक्टर रहा आधार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुनने से पहले पर्यवेक्षकों को हर विधानसभा क्षेत्र में भेजकर फीडबैक लिया गया था। इसके बावजूद पार्टी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों की घोषणा की गई है।
लक्ष्मणसिंह गोदारा है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य
लक्ष्मणसिंह गोदारा वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के सदस्य है। वे भी लोकसभा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके है। यह बायतु विधायक हरीश चौधरी के करीबी माने जाते है। ओबीसी वर्ग में पकड़ मजबूत है। पिछली बार जिला परिषद का चुनाव लड़ा था, लेकिन आरएलपी से लड़े उम्मेदाराम बेनीवाल से हार गए थे।
संगठनात्मक पदों की जिम्मेदारी निभा चुके है
गोदारा बायतु विधायक हरीश चौधरी के साथ पंजाब, हरियाणा समेत राज्यों में विधानसभा प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुके है। कांग्रेस से उनकी पत्नी सीमा चौधरी जिला परिषद सदस्य रह चुकी है।
