बालोतरा से अरविंद थोरी की रिपोर्ट
बालोतरा। अपैरल ट्रेनिंग एंड डिज़ाइन सेंटर (एटीडीसी) बालोतरा में सोमवार को एनएसएफडीसी एवं नाबार्ड के संयुक्त सहयोग से सेल्फ एंप्लॉयड टेलर प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक नए बैच का शुभारंभ किया गया। यह बैच 25 प्रशिक्षणार्थियों के साथ प्रारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री महेंद्र सिंह उमट, भारतीय स्टेट बैंक के प्रमुख जिला प्रबंधक श्री रमेश कलमा, तथा एटीडीसी बालोतरा के प्राचार्य श्री मुकेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का एटीडीसी टीम द्वारा स्वागत किया गया तथा प्रशिक्षणार्थियों ने सभी विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उत्साह व्यक्त किया।
अपने संबोधन में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक श्री महेंद्र सिंह उमट ने कहा कि नाबार्ड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और विशेषकर कमजोर वर्गों को ऐसे कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार आज के समय में आत्मनिर्भरता की दिशा में सबसे प्रभावी मार्ग है और एटीडीसी जैसे प्रशिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के प्रमुख जिला प्रबंधक श्री रमेश कलमा ने कहा कि बैंकिंग संस्थान भी कौशल विकास के माध्यम से लाभार्थियों को भविष्य में लोन और अन्य योजनाओं से जोड़कर उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सलाह दी कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं और प्रशिक्षण के बाद स्वयं का कार्य प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित करें।
एटीडीसी बालोतरा के प्राचार्य श्री मुकेश कुमार ने बताया कि एटीडीसी पिछले कई वर्षों से परिधान व वस्त्र क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। सेल्फ एंप्लॉयड टेलर कोर्स के माध्यम से प्रतिभागियों को मशीन संचालन, कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग, पैटर्न मेकिंग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए जाते हैं, जो सीधे स्वरोजगार एवं रोजगार में परिवर्तित होते हैं।
इस अवसर पर एटीडीसी की वरिष्ठ ट्रेनर श्रीमती धनवंती चौहान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने छात्रों को बताया कि यह कोर्स पूरी तरह प्रायोगिक आधारित है, जिसमें प्रशिक्षणार्थी स्वयं वस्त्र निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया को सीखते हैं। उन्होंने भविष्य में उपलब्ध आय सृजन के अवसरों और स्थानीय बाज़ार में सिलाई व्यवसाय की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला।
उद्घाटन कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लेते हुए एटीडीसी के प्रयासों की सराहना की और स्वयं को कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। एटीडीसी के स्टाफ एवं संकाय सदस्यों ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्रशिक्षणार्थियों को सर्वोत्तम सुविधाएँ और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया और छात्रों द्वारा उपयोग की जाने वाली मशीनों एवं सुविधाओं की सराहना की। एटीडीसी बालोतरा द्वारा भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहने की बात कही गई।

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