सिवाना से अरविंद थोरी की रिपोर्ट:-
बालोतरा। सिवाना क्षेत्र की छप्पन की पहाड़ियों में स्थित सुप्रसिद्ध एवं विख्यात हल्देश्वर महादेव मंदिर की तलहटी ग्राम पीपलून में ईको-ट्यूरिज्म के तहत विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक हमीर सिंह भायल ने कहा कि सिवाना के मिनी माउंट का विकास करना मेरा सपना है, जिसे साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है।
भायल ने कहा कि हल्देश्वर महादेव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यह उनके भी आराध्य देव हैं। इसी भावना से उन्होंने इस मंदिर क्षेत्र को माउंट आबू की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लिया था। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बजट में इस विकास की घोषणा कर आमजन के साथ-साथ उन्हें भी एक बड़ा तोहफा दिया गया है।
विधायक भायल ने बताया कि यह पहाड़ी क्षेत्र पूर्णतः वन क्षेत्र में होने के कारण इसके विकास के लिए वन विभाग ही एक उपयुक्त कार्यकारी संस्था है। उन्होंने स्थानीय विधायक निधि से भी वन विभाग को 20 लाख रुपये की राशि खर्च करने की अनुशंसा की है, जिससे भव्य प्रवेश द्वार एवं प्रमुख प्लेटफार्म का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बार आरोप-प्रत्यारोप भी हुए, लेकिन वे बिना किसी अवरोध के मंदिर परिसर के विकास के लिए सतत प्रयासरत हैं।
उन्होंने बताया कि विशेषकर बरसात के मौसम में यहां लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। ईको-ट्यूरिज्म के तहत विकास होने से श्रद्धालुओं को सड़क, जन सुविधाएं, विश्राम स्थल जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में वन विभाग द्वारा मुख्य द्वार निर्माण, जन सुविधाएं, सड़क निर्माण एवं विश्राम हेतु टीन शेड जैसे कार्य प्रमुखता से किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक के निजी सहायक कोज सिंह ने बताया कि विधायक भायल वर्ष 2013 से हल्देश्वर मंदिर के विकास को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं, जिसका परिणाम आज शिलान्यास के रूप में सामने आया है। आने वाले समय में सिवाना दुर्ग की तलहटी एवं हल्देश्वर पहाड़ी की तलहटी में सिवाना के गौरवशाली इतिहास को संजोते हुए एक पैनोरमा का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसके लिए विधायक दिन-रात प्रयास कर रहे हैं।
शिलान्यास कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी सुरेन्द्र सिंह खंगारोत, उप वन संरक्षक सविता दहिया, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वीर सिंह सेला, जेठू सिंह तेलवाड़ा, कल्याण सिंह, रूप सिंह, बंशी लाल, गणपत सिंह, जितेंद्र सिंह सहित वन विभाग के कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
