पश्चिम राजस्थान की राजनीति एक बार फिर हलचल में है। बाड़मेर-बालोतरा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को नई ऊर्जा देने के लिए मगाराम बेनीवाल ने “मां विरात्रा धाम पदयात्रा एवं देव दर्शन यात्रा” के जरिए जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर दी है। भले ही इसे धार्मिक यात्रा बताया जा रहा हो, लेकिन इसके सियासी मायने साफ तौर पर नजर आने लगे हैं।
मगाराम बेनीवाल ने स्पष्ट कहा कि यह यात्रा देव दर्शन और आस्था से जुड़ी है, लेकिन इसके माध्यम से वे लंबे समय बाद क्षेत्र की जनता, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सीधा संवाद भी स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद वे क्षेत्र की विशालता के कारण जनता से नियमित संपर्क नहीं कर पाए, ऐसे में यह यात्रा उनके लिए एक अवसर है! जनता के बीच लौटने का, और संगठन को फिर से सक्रिय करने का।
RLP की पकड़ और नए चेहरे की तलाश
पिछले एक दशक में पश्चिम राजस्थान खासतौर पर पचपदरा, सिवाना, बायतु, गुड़ामालानी, बाड़मेर, शिव और चौहटन जैसे क्षेत्रों में RLP ने मजबूत पकड़ बनाई है। लगभग 38% वोट बैंक की बढ़ोतरी के साथ पार्टी ने अपनी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाया है।
लेकिन वर्तमान हालात में पार्टी को ऐसे सक्रिय चेहरे की जरूरत महसूस हो रही है, जो जमीनी स्तर पर संगठन को फिर से जीवंत कर सके। मगाराम बेनीवाल इसी भूमिका में उभरते नजर आ रहे हैं। वे RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के करीबी माने जाते हैं और लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहकर कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बना चुके हैं।
कार्यकर्ताओं में जोश, नेताओं की नजर
बेनीवाल जहां भी पहुंच रहे हैं, वहां कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा साफ दिखाई दे रही है। यही कारण है कि जब पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दिलीप चौधरी ने पश्चिम राजस्थान का दौरा किया, तब उन्होंने भी मगाराम बेनीवाल की लोकप्रियता और जनक्रेज को नजदीक से महसूस किया।
इसी आधार पर माना जा रहा है कि RLP परिवार ने भी इस यात्रा को हरी झंडी दी है, ताकि संगठन को फिर से धार दी जा सके और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को जमीन पर उतारा जा सके।
धर्म के साथ सियासत का संतुलन
विरात्रा धाम पदयात्रा और देव दर्शन यात्रा के जरिए बेनीवाल बालोतरा-बाड़मेर के सरहदी गांवों में संपर्क मजबूत कर रहे हैं। वे भले ही इसे गैर-राजनीतिक बता रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि यह यात्रा जनाधार को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है।
गांव-गांव में हो रहा भव्य स्वागत, बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी पैदा कर रही है।
पंचायतीराज चुनाव पर नजर
आगामी पंचायतीराज चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी यह यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। बेनीवाल ने संकेत दिए हैं कि जो कार्यकर्ता सक्रिय हैं और चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्हें संगठन की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।
इससे साफ है कि यह यात्रा ग्रासरूट स्तर पर चुनावी तैयारी का भी हिस्सा है।
भव्य स्वागत और जनसंपर्क
यात्रा की शुरुआत उनके गांव से हुई, जहां सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और समर्थकों ने भाग लिया। पचपदरा प्रभारी थान सिंह डोली, बाड़मेर ब्लॉक अध्यक्ष जोगाराम डुडी, ब्लॉक अध्यक्ष विशनाराम पोटलिया, युवा नेता जेडी कश्मीर और प्रकाश चौधरी सहित कई नेताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।
यात्रा के दौरान पिपरालानाड़ा, कमठाई, नई कमठाई, डंडाली फांटा, होडू फांटा, बिलासर, जोगासर और सारणों का ताला जैसे गांवों में भव्य स्वागत हुआ।
रात्रि विश्राम सारणों का तला (होडू) में रखा गया है, जहां देर रात तक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद का सिलसिला चलता रहा।
समाजसेवा से बनी पहचान
मगाराम बेनीवाल केवल राजनीतिक चेहरा ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय समाजसेवी भी हैं। वे देहदान शपथ कर्ता होने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान देते रहे हैं। उन्होंने कई सरकारी विद्यालयों में आर्थिक सहयोग देकर शिक्षा को बढ़ावा दिया है, जिससे उनकी छवि एक भामाशाह और जनसेवक के रूप में मजबूत हुई है।
मगाराम बेनीवाल की यह देव दर्शन यात्रा भले ही धार्मिक रंग लिए हुए हो, लेकिन इसके राजनीतिक संकेत बेहद स्पष्ट हैं। पश्चिम राजस्थान में RLP को फिर से सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह यात्रा आने वाले पंचायतीराज और विधानसभा चुनावों में किस तरह का असर छोड़ती है लेकिन फिलहाल इतना तय है कि बाड़मेर-बालोतरा की सियासत में एक नई हलचल शुरू हो चुकी है।
