राजस्थान में लगातार बढ़ रहे स्लीपर बस हादसों को लेकर सरकार ने जब जांच और सख्ती की प्रक्रिया शुरू की तो अब टूरिस्ट बस संचालक संघ ने यात्रियों को असुविधा का सस्ता हवाला देकर बस संचालन बंद करने की चेतावनी दे डाली है
29 अक्टूबर को जारी आदेश के बाद All India Tourist Permit Bus Owner Association ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि
“हम 31 अक्टूबर से सभी बसें बंद कर देंगे”
मतलब अगर सुरक्षा पर सवाल उठाओ, तो सेवा ही रोक देंगे
प्रदेश भर में आज रात से नहीं चलेगी 8000 स्लीपर बसें
•RTO की लगातार कार्रवाई के बाद ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। एसोसिएशन के सचिव राजेंद्र परिहार ने आदेश जारी कर यह जानकारी दी है।
जोधपुर समेत कई शहरों में प्राइवेट ट्रेवल्स एजेंसियों ने ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी है।
क्या यात्रियों की जान से ज्यादा अहम है दबाव बनाना?
जब सड़कें हादसों से लहूलुहान हैं, तब नियम सख्त करने की पहल सरकार का कर्तव्य है,
लेकिन यह दबाव अब जनता के खिलाफ ब्लैकमेलिंग जैसा बनता जा रहा है।
अब सवाल जनता का है
क्या सुरक्षा के नाम पर सुधार मांगना गुनाह है?
या हर बार आम यात्रियों को ही मुश्किल में डालना आसान रास्ता है?


