राजेश यादव की बड़ी बैठक — सवाई माधोपुर के पर्यटन विकास पर बना विस्तृत रोडमैप

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

डुंगर सिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट:-

सवाई माधोपुर। पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव आज सवाई माधोपुर के दौरे पर रहे ,जहाँ उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली और जिले में पर्यटन विकास, सुरक्षा और सुविधाओं के विषय में विस्तार से चर्चा करते हुवे विभागीय कार्य योजनाओं की समीक्षा की । इस दौरान प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सवाई माधोपुर राजस्थान का गौरव है यहां का रणथम्भौर दुर्ग, रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव अभयारण्य और स्थानीय संस्कृति वैश्विक स्तर पर राजस्थान की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था अनिवार्य है, ताकि हर पर्यटक को सुरक्षित और सुखद अनुभव मिल सके। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के माध्यम से सवाई माधोपुर को नए अवसर मिले हैं, जिनका लाभ उठाते हुए होटल, वन एवं पर्यटन विभाग को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने होटल संचालकों के साथ संवाद कर पर्यटकों की सुविधाओं में सुधार करने, सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाने सहित अन्य जोन खोलने, वेबसाइट को अपडेट रखने तथा सड़कों, स्वच्छता और परिवहन व्यवस्था को वैश्विक स्तर का बनाने पर विशेष बल दिया।
बैठक में आरटीडीसी से सम्बद्ध होटलों को स्थायी सफारी केंटर सुविधा प्रदान करने, रणथम्भौर रोड पर वॉकिंग ट्रैक, सार्वजनिक पार्किंग स्थल, प्रकाश व्यवस्था और नो-पार्किंग जोन बनाने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में खंडार किले, कुशल झील, चौथ माता मंदिर, शिल्पग्राम और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई।
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि रणथम्भौर रोड, चौथ माता, सूरवाल बांध, शिल्पग्राम, पालीघाट, रामेश्वर घाट जैसे स्थलों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि पर्यटकों को टाइगर सफारी के साथ अन्य आकर्षक पर्यटन अनुभव भी मिल सकें।
उन्होंने सुझाव दिया कि हर होटल में रणथम्भौर फोर्ट और अन्य स्थलों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी प्रदर्शित की जाए, और पर्यटकों को जंगल में किए जाने वाले व्यवहार के बारे में जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि रणथम्भौर के पर्यटक फोटो और वीडियो को राजस्थान पर्यटन के सोशल मीडिया हैंडल्स पर साझा किया जाए, जिससे सवाई माधोपुर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए साइबर फ्रॉड रोकथाम हेतु आधिकारिक मोबाइल एप से सफारी बुकिंग की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि “पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, सुरक्षा और संवेदनशीलता का प्रतिबिंब है। सवाई माधोपुर आने वाला हर पर्यटक यहां की सुंदरता के साथ-साथ हमारी जिम्मेदारी और व्यवस्था का अनुभव करे, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।” बैठक में जिला कलेक्टर कानाराम ,मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, मुख्य वन संरक्षक रामानंद भाकर, उप निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह, डीसीएफ प्रमोद धाकड़, पुरातत्व विभाग के अरविंद कुमार सहित वन विभाग, पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी एवं होटल एसोसिएशन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

america vs venezuela: अमेरिका ने किया वेनेजुएला पर हमला balotra tilwara update: बीसीएम कनवे टीम द्वारा डीप स्क्रीनींग, टैम्पिंग और अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। राम नाम में आम नाम ढूंढो – जय श्री राम