सिणधरी से अरविंद थोरी की रिपोर्ट:-
RBSE Result 12th Topper कौन है?
RBSE Result 12th Topper Ravina: राजस्थान बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही पश्चिम राजस्थान से एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। एक किसान की बेटी ने अपनी मेहनत के दम पर सरकारी विद्यालय में पढ़कर प्रदेश में दुसरा स्थान हासिल किया।
12th topper Ravina Kumari Success Story, RBSE Class 12 Arts 2026 Topper: किसी ने सही कहा कि सफलता कभी सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है पश्चिम राजस्थान के बालोतरा की एक होनहार बेटी ने। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। गुजरात में हमाली का काम करने वाले एक मजदूर किसान की बेटी ने अपनी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प के दम पर राजस्थान की मेरिट लिस्ट में दुसरा स्थान हासिल किया है।
इस छात्रा ने 12वीं की परीक्षा में 99.40% अंक अर्जित कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि उन हजारों छात्र छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गयी है जो संसाधनों की कमी को दोषी ठहराते हैं।
सामान्य किसान परिवार में पली बढ़ी , लेकिन मेहनती और अटूट दृढ़ संकल्प
इस होनहार रवीना चौधरी का बचपन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। पिता जुंजाराम परिवार पालने के लिए गुजरात में हमाली का काम करते हैं और दिन भर के कठिन परिश्रम से जो मजदूरी मिलती हैं, उसी से घर का खर्चा चलाते है और अपने दो बच्चों को पढ़ाते हैं। मां ग्रहणी एवं पशुपालन का काम करती है। सामान्य घर और पढ़ाई के लिए जरूरी सुख-सुविधाओं के अभाव के बावजूद, रवीना ने कभी स्वयं को यह अहसास नहीं होने दिया। उसने अपनी मेहनत के दम पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कमठाई सरकारी विद्यालय से ही सफलता का इतिहास रच दिया।

रवीना अक्सर स्कूल से आकर अपनी मां के कार्यों में हाथ बढ़ाती, किसानी और पशुपालन में भी मां की मदद करती।
रवीना का कहना है कि उसने अपने पिता की दुर प्रदेश में रहकर हमाली का कठीन काम और मां की मेहनत को अपनी सबसे बड़ी ताकत माना। रवीना का कहना कि जब भी पढ़ाई-लिखाई में थक जाती तो मां और पिता के संघर्ष को ताकत के रूप में दुगुनी मेहनत के साथ पढ़ती। जिससे वह अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकें।
बिना ट्यूशन और स्मार्टफोन के हासिल की उपलब्धि
आज के दौर में जहां विद्यार्थी महंगी ट्यूशन और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, वहीं रवीना ने अपनी पूरी तैयारी स्कूली किताबों और घर आने के बाद सेल्फ-स्टडी के रूप की। उसके पास न तो कोई स्मार्टफोन था और न ही इंटरनेट का एक्सेस सम्बंधित उपकरण। रवीना ने विद्यालय गुरुजनों द्वारा दिए गए नोट्स को ही अपना स्मार्टफोन समझा और हर विषय की गहराई से पढ़ाई की।
परीक्षा के दौरान भी घर के कार्यों से निवृत्त होकर वह रोजाना 08 से 09 घंटे पढ़ाई करती थी। रवीना की इस लगन को देखकर विद्यालय के शिक्षक भी दंग रह जाते थे। 99.40% अंक प्राप्त करना कोई सामान्य बात नहीं है, लगभग हर विषय में उसने पूरे अंक हासिल किए हैं, जो उसकी विषय पर पकड़ को दर्शाता है।

किसान की बेटी रवीना ने किया राजस्थान कला वर्ग टॉप
रवीना के गुरु एवं संस्था प्रधान हनुमान राम देदड़ का कहना है कि जब रवीना का परिणाम आया तो सभी ने बधाई देने के लिए रवीना का इंटरनेट पर फोटो खोजा, लेकिन किसी भी सोशल साइट पर उनका एक भी फोटो नहीं मिला, यह दर्शाता है कि वह सोशल मीडिया से कितनी दूर है। वह बहुत ही होनहार और मेधावी छात्रा है, अनुशासन की प्रतिमूर्ति, समय की पाबंद हमें ऐसे विद्यार्थियों पर गर्व है। यह वाकई हमारे विद्यालय, अपने माता-पिता और देश-प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
वहीं उनके शिक्षक गोपाल सिंह ने बताया कि रवीना किसी भी विषय में ऑब्जर्व क्षमता उच्च कोटि की थी, वह 85% स्कूली कक्षा में ही पढ़ लेती थी। 85% से ऊपर जितने भी अंक अर्जित किए हैं, वह उनकी सेल्फ स्टडी मानी जाती है।
उसने अपने पिता की दुर प्रदेश में रहकर हमाली का कठीन काम और मां की मेहनत को अपनी सबसे बड़ी ताकत माना। रवीना का कहना कि जब भी पढ़ाई-लिखाई में थक जाती तो मां और पिता के संघर्ष को ताकत के रूप में दुगुनी मेहनत के साथ पढ़ती। जिससे वह अपने माता-पिता के की सपनों को साकार कर सकें।
RBSE Result 12th Toppe करने के बाद पूरे कमठाई गांव में जश्न का माहौल
जैसे ही आज माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी हुआ और टॉपर के रूप में इस रवीना का नाम फ्लैश हुआ, उसके कमठाई गांव में उत्सव-सा माहौल हो गया। उनके पड़ोसी और कमठाई ग्रामीणों ने होनहार रवीना का गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामवासी गंगाराम नवाद ने बताया कि रवीना बहुत ही समझदार और संस्कारी बिटिया है। हमें गर्व है कि रवीना ने आज हमारे पुरे कमठाई गांव का नाम रोशन किया।
फौलादी दिल वाले किसान पिता जुंजाराम की आंखों में खुशी के आंसूओं की गंगा बहा आई।
पिता जुंजाराम ने कहा, “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी बेटी पूरे राजस्थान में नाम कमाएगी। मुझे मलाल था कि मैं दसवीं के बाद पढ़ाई नहीं कर पाया, इसलिए मैंने मेरे दोनों संतानों को पढ़ाया, आज मेरी सारी थकान दूर हो गई, मुझे गर्व है – मेरी बिटिया पर… बेटियों को पढ़ाइए, यह दो घर संवारने का काम करती है। शिक्षित बेटियां, शिक्षित राष्ट्र की नींव होती हैं।”
वहीं उनके अंकल व्याख्याता हुकमाराम मईया ने इसे खुशी का पल बताते हुए कहा कि – रवीना ने प्रेरणादायक परिणाम दिया है, रवीना बहुत ही होनहार एवं प्रतिभाशाली हैं।

भविष्य का लक्ष्य: थर्ड ग्रेड टीचर के रूप में स्वयं के पैरों पर खड़ी होकर सिविल सेवा में बड़ी अधिकारी बनना
अपनी इस अद्भुत सफलता के बाद रवीना अब बीएसटीसी(BSTC) क्वालीफाई चाहती है, उसका अगला लक्ष्य थर्ड ग्रेड टीचर परीक्षा पास कर शिक्षिका बनना है।
रवीना चाहती है कि वह एक बार थर्ड ग्रेड शिक्षिका बनकर स्वयं के पैरों पर खड़ी होकर सिविल सेवा में भाग्य आजमाएगी ताकि उसे आर्थिक रूप से संबल मिल सके और आगे की पढ़ाई सुचारू रूप से कर सकें।
पश्चिम राजस्थान के बालोतरा की इस छात्रा की कहानी हमें सिखाती है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो आधुनिकता, गरीबी या अभाव आपके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकता। यह सफलता केवल अकेली रवीना की नहीं, बल्कि उस हर इंसान की है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सपने देखने का साहस रखता है और उसे पूरा करते हैं।

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