राजस्थान के बाड़मेर ज़िले से एक दर्दनाक हादसे की खबर…
जहाँ रोज़ी-रोटी के लिए मेहनत कर रहे दो मजदूर पलभर में मौत की चपेट में आ गए।
कल सुबह करीब 11 बजे, सदर थाना क्षेत्र के सांजटा गांव में आरसीसी का काम चल रहा था।
निंबलकोट के तीन युवक — श्रवण कुमार, कमलेश उर्फ तोगाराम और सुजानाराम, ठेकेदार थानाराम के साथ छत की लिपट भराई का काम कर रहे थे।
काम के दौरान लोहे की लिपट अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टच हो गई —
और पलभर में तीनों मजदूर करंट की चपेट में आ गए।
मौके पर ही श्रवण कुमार और कमलेश की दर्दनाक मौत हो गई,
जबकि सुजानाराम गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को ठेकेदार ने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया,
जहाँ उसका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ठेकेदार घायल को अस्पताल छोड़कर वहां से चला गया।
परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही से ये हादसा हुआ।
समाज अध्यक्ष वीरूराम ने बताया —
“मजदूरों ने पहले ही ठेकेदार को लाइट लाइन के खतरे के बारे में बताया था,
लेकिन उसने कहा कि डिसकॉम से बिजली बंद करवा दी जाएगी।
काम शुरू होते ही करंट लग गया और दो ज़िंदगियां बुझ गईं…”
श्रवण कुमार शादीशुदा था —
उसके दो छोटे छोटे बच्चे हैं,
जबकि पिता और दो भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है।
अब परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा।
परिजनों और समाज ने प्रशासन से मांग की है —
कि ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो,
और मृतकों के परिवारों को आर्थिक मुआवज़ा व एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
“ये हादसा सिर्फ बिजली का नहीं,
बल्कि ज़िम्मेदारी और लापरवाही की चुभती हुई चिंगारी है…”
“हर मजदूर की जान की कीमत होती है
सांजटा गांव में हादसे से दो मजदूरों की मौत, मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर दलित समाज का पिछले 24 घण्टे से धरना जारी
